राजस्थान के चुरू कि गर्मी पहूँची 50.8’C

सरकार का जागरूक होना जरूरी,
नहीं तो हो सकता है गंभीर संकट,

कुमार विनायक मुम्बई :उत्तर भारत और मध्य भारत प्रचंड गर्मी से जूझ रहा है। आज राजस्थान के चुरू का पारा 50 डिग्री से पार कर 50.8 डिग्री सेल्सियस हो गया है। इतनी भयानक गर्मी से फ़िलहाल राहत कि कोई उम्मीद नहीं है।


देश का लगभग हर हिस्सा गर्मी कि मार झेल रहा है जिसमें दिल्ली कोलकाता चेन्नई जैसे प्रमुख शहर है। लेकिन इस गर्मी में राजस्थान
का माहौल इतना गर्म कर देगा । देश में गर्मी कोई नई चीज़ नहीं है लेकिन तापमान का असमान्य बढ़ना ही चिंता का कारण होता है।तापमान बढ़ने से भू स्तर का लेवल कम होता है

और लोगों को पानी के लिये मिलों का सफ़र तय करना पड़ता है। सरकार के इन क्षेत्रों में ध्यान देने कि ज़रूरत है जहाँ भू जल कि समस्या उत्पन्न हो रही हो। अगर सरकार ने समय रहते कोई ठोस उपाय नहीं कि तो लोगों के लिए सुसाइडल बन जायेगा।सरकार को सबसे ज़्यादा ध्यान राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र के सुखे से प्रभावित लोगों के लिए देना होगा।जहाँ पानी बिन सब सुन है।


यह कार्य तत्कालिक रूप से तो कर दिया जा सकता है उन जगहों पर पानी पहूँचा कर लेकिन ये कोई स्थाई समाधान नहीं है। देश के इन सुखाग्रस्त इलाक़ों में लंबे समय कि योजनाएँ बनाकर और लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रेरित कर ही किया जा सकता है। यह एक लंबी प्रकिया है

लेकिन यही एक स्थाई समाधान भी है। देश में बढ़ते जल संकट के लिए अगर गंभीर प्रयास नहीं किये गये तो आने वाले दिनों में ये और भी विकराल रूप धारण कर लेगी और हमारा देश इस समस्या से निपटने के लिए सक्षम नहीं हो पायेगा। समय रहते इसके लिए प्रयास किया जाना ही इसका ऐकमात्र हल है।

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