नई दिल्ली की सियासी जंग

NETVANI डेस्क: ऩई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र आम चुनाव  2019 के 6वें चरण में देश है। चुनाव को लेकर पुरे देश में गजब की उत्सुक्ता है। ढोल-नगाड़े, नारे रैलीयों का दौर जारी है। इस बीच हम बात कर रहे हैं देश की सबसे वीआईपी सीट, ऩई दिल्ली लोक सभा क्षेत्र की। इसे लुटियंस दिल्ली कहा जाता है और यह इलाका देश की सत्ता का केंद्र है। केंद्र सरकार की नौकरियों में लगे लाखों अधिकारियों-कर्मचारियों के सरकारी आवास भी इसी इलाके में हैं। यहां हर जाति-तबके और धर्म के वोटर हैं। नई दिल्ली नगर निगम(एनडीएमसी) इस इलाके की देखभाल करता है और बुनियादी तौर पर साफ-सफाई के मामले में इस इलाके में कोई दिक्कत नहीं है।

 

इस संसदीय क्षेत्र के तहत करोल बाग, पटेल नगर, मोती नगर, दिल्ली कैंट, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आरके पुरम और ग्रेटर कैलाश जैसे इलाके आते हैं।अब बात इस क्षेत्र की राजनीति के तो 2014 के आम चुनाव में इस सीट यानी नई दिल्ली सीट से बीजेपी की मीनाक्षी लेखी सांसद बनी थीं। इस बार भी बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी को मौका दिया है। और उनके सामने हैं कांग्रेस के अजय माकन और आम आदमी पार्टी की ओर से ब्रजेश गोयल।

2014 के चुनाव में नई दिल्ली सीट पर हुए चुनाव में मीनाक्षी लेखी को 4,53,350 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे थे आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान जिन्हें 2,90,642 वोट मिले थे। अजय माकन तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 1,82,893 वोट मिले थे।

 

इस बार मुकाबला जटिल है। मीनाक्षी लेखी मशहूर वकील हैं और बीजेपी की बड़ी नेता हैं. वो अपनी जीत दोहराने के लिए मैदान में हैं।अजय माकन कांग्रेस के बड़े नेता हैं और केंद्र की राजनीति में फिर से अपनी जगह बनाने के लिए लोकसभा पहुंचना चाहते हैं। वहीं ब्रजेश गोयल आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के संयोजक हैं और केजरीवाल सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के बूतेजीतने पर नजर गड़ाए हुए हैं।http://www.netvani.in/

जनवरी, 2019 तक mplads.gov.in पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने अभी तक अपने सांसद निधि से क्षेत्र के विकास के लिए 21.58 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्हें सांसद निधि से अभी तक 26.48 करोड़ (ब्याज के साथ) मिले हैं. इनमें से 5.10 करोड़ रुपये अभी खर्च नहीं किए गए हैं। उन्होंने जारी किए जा चुके रुपयों में से 121.87 फीसदी खर्च किया है।

 

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