अमेठी में चुनाव के बाद भी क्यों डरी है कांग्रेस और राहुल

ANJANI  MISHRA, अमेठी:  चुनाव खत्म होने के बाद भी कांग्रेस पार्टी डरी हुई है। कार्यकर्ता परेशान हैं। मतदान होने से पहले जहां पर लगातार शासन प्रशासन पर बीजेपी के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इधर मतदान के बाद भी शासन और प्रशासन से भरोसा उठ गया है। जिले के कांग्रेसी ईवीएम मशीन को लेकर अब काफी चौकन्ने हैं। स्ट्रांग रूम के बाहर बैठकर कांग्रेसी EVM मशीन की रखवाली कर रहे हैं। कार्यकर्ता शिफ्ट वाइज़ ड्यूटी दे रहे हैं। यहां इंदिरा गांधी डिग्री कालेज के बाहर सुरक्षा गार्डों के साथ-साथ कांग्रेस के बड़े नेताओं से लेकर ब्लाक और बूथ स्तर तक के नेता बाकायदा निगाहे गड़ाए हुए हैं।

अमेठी में वोटिंग के बाद जिला प्रशासन ने मनीषी महिला पीजी कॉलेज एवं इंदिरा गांधी पीजी कॉलेज गौरीगंज मे ईवीएम मशीन और वीवीपैट को स्ट्रांग रूम बना कर रखवाया है। नेटवाणी संवाददाता जब स्ट्रांग रूम के आस पास से गुजर रहे थे तो देखा कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान इन स्ट्रांग रुमों पर पूरी तरह मुस्तैद हैं, बावजूद इसके कांग्रेसियों ने भी अलग से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था का बीड़ा उठा रखा है। कांग्रेसी कार्यकर्ता पेट्रोल पंप के बाहर कॉलेज गेट को कवर करने के लिए इस एंगल से सीसी कैमरा लगाया है कि हर आने-जाने वाले तथा सारी गतिविधियों को पूरी तरह कवर करते हुए प्रत्येक क्षण को रिकॉर्ड किया जा सके। कांग्रेसियों को खतरा है कि अगर जरा भी आंख बची तो जिला प्रशासन बीजेपी की हमदर्दी मे कोई भी क़दम उठा सकता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने कहा कि चुनाव से लेकर आज तक प्रशासन सत्ता और उसके नेता के इर्द-गिर्द घूम रहा है। ऐसे मे हम सबको सतर्क रहने की जरूरत है।

आपको बता दें की चुनाव के दो दिन बाद ही अमेठी मे उस समय हड़कंप मच गया था जब ईवीएम स्ट्रांग रूम के पास ट्रक लगाकर उस पर मशीने लादी जा रही थी। इस खबर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा समर्थको के साथ वहां पहुंचे थे और जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मशीनों को ट्रक पर लादने से मना कर दिया था। उन्होंने ईवीएम मशीन के बदले जाने की अधिकारियो से शिकायत किया था। जिस पर मौके पर पहुंची उप जिला निर्वाचन अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने जिलाध्यक्ष को रिजर्व में बची मशीनों की क्रमवार जानकारी देते हुए बताया था कि यह मशीनें कलेक्ट्रेट में स्थित बेयर हाउस ले जाई जा रही हैं। जहां इनका बार कोड स्कैन कर सुल्तानपुर भेजा जाना है। तब कही जाकर मामला शांत हुआ था। इसी के दृष्टिगत कांग्रेस पार्टी के नेताओं को अमेठी जिला प्रशासन पर भरोसा नहीं रहा गया है और वह सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं उठा लिया है।और कॉलेज के बाहर सड़क के उस पार बैठ कर नज़रे लगाए हैं।

 

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