गंगा का पानी गंगा में छोड़ कर गंगा को राहत

काशी, ब्यूरो: मां गंगा खुद परेशान है। अपने ही पानी को लेकर। हालात यह है कि जहां गंगा खिलखिलाते हुए आती थी और लोगों को मोक्ष देती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती थी। हालात अब यह है  कि गंगा में बस कुछ एक फिट तक का पानी बचा है।

इस बीच यह खबर आ रही है कि काशी में गंगा का जलसंकट दूर करने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से 35 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह लगातार दूसरा साल होगा जब काशी में गंगा का जलस्तर बेहद नीचे जा रहा था। इसे देखते हुए कानपुर बैराज से पानी छोड़ा गया है। बैराज के पानी के पांच से छह दिनों में पहुंचने की संभावना है। वहीं, गंभीर जलसंकट के आसन्न खतरे को देखते हुए सोमवार को नगर आयुक्त ने नगर निगम व जलकल के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

रविवार को गंगा का जलस्तर 191 फीट चार इंच तक पहुंच गया जो न्यूनतम जलस्तर से महज दो फीट अधिक है। इस संकट को देखते हुए गंगा से शहर के लिए जलापूर्ति में लगभग 10 एमएलडी की कमी कर दी गई है। भदैनी स्थित जलकल के दोनों पंप 65 से 70 फीसदी पानी ही उठा रहे हैं। इधर बीच भेलूपुर स्थित जलकल के भूमिगत जलाशय में 108 से 110 एमएलडी पानी जा रहा है। करीब एक सप्ताह पहले यह मात्रा 115 से 120 एमएलडी थी।

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आरपी तिवारी ने बताया कि कानपुर बैराज से साढ़े तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इलाहाबाद होते हुए यह पानी जब बनारस पहुंचेगा तो इसकी मात्रा साढ़े चार हजार क्यूसेक से ज्यादा हो जाएगी। यमुना का पानी भी इसमें मिलने के कारण बनारस में ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचेगा। जलकल जीएम नीरज गौड़ ने बताया कि पानी छोड़े जाने से एक से डेढ़ फीट पानी बढ़ेगा। इससे स्थिति सुधरेगी।

गंगा का जलस्तर एक सप्ताह में करीब दो फीट कम हुआ है। तीन दिनों में रोजाना दो इंच पानी घटा है। बीते तीन जून को गंगा का जलस्तर 193 फीट था जो नौ जून को 191 फीट चार इंच रह गया। सात जून को जलस्तर 191 फीट 8 इंच था।

जून            जलस्तर (फीट व इंच में)
9            191.4
8            191.6
7            191.8
6            191.9
5            192 फीट

Leave a Reply

Your email address will not be published.